भाजयुमों ने कारगिल के शहीदों को अर्पित की श्रृद्धांजलि

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Chandigarh:

चंडीगढ़ : भारतीय जनता युवा मोर्चा चंडीगढ़ द्वारा सैक्टर 3 स्थित वार मेमोरियल में कारगिल विजय दिवस पर कारगिल के शहीदों को श्रृद्धांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम भाजपा युवा मोर्चा प्रदेशा अध्यक्ष अमित राणा के नेतृत्व में किया गया। 

इस अवसर पर प्रदेशाघ्यक्ष संजय टंडन ने युवा मोर्चा के सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सन 1947 में भारत आजाद तो हो गया था लेकिन यह आजादी भारत को पाकिस्तान से अलग होने की कीमत पर मिली थी। पाकिस्तान तो हिन्दुस्तान से अलग हो गया लेकिन पाकिस्तान की नापाक मांग भारत का ताज ‘कश्मीर’ हड़पने की थी। कई वर्षों तक पाकिस्तान ने कश्मीर को चुराने की कई नाकाम कोशिशें की। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ एक महत्वपूर्ण युद्ध माना जाता है जो भारतीय सैनिकों की वीरता के लिए हमेशा याद रखा जाएगा।

उन्होंने युवाओं को आज के दिन का महत्व बताते हुए कहा कि यह दिन उन शहीदों को याद कर अपने श्रद्धा-सुमन अर्पण करने का, जो हंसते-हंसते मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। यह दिन उन महान और वीर सैनिकों को समर्पित है जिन्होंने अपना आज हमारे आने वाले सुखद कल के लिए बलिदान कर दिया।

युवा मोर्चा अध्यक्ष अमित राणा ने बताया कि 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सेना की घुसपेठियों को मार गिराया और खदेड़ कर भगाया। इस युद्ध में भारत के लगभग 500 से ज्यादा जवानों ने अपने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। और पाकिस्तान को हार का मुंह दिखाया। इस युद्ध के दौरान मारे गए पाकिस्तानी सैनिकों शवों को पाकिस्तान की सरकार ने लेने से मना कर दिया था, ऐसे में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने मारे गए जवानों के पार्थिक शरीरों को सम्मान पूर्वक दफनवाया। कारगिल में शहीद हुए भारतीय सैनिकों की याद में कई स्थानों पर समृति स्थल बनाये गए और हर वर्ष इसी दिन शहीदों को नमन करती है। इस एतिहासिक जीत को प्रत्येक भारतीय कभी नहीं भुला सकता।

मोर्चा के उपाध्यक्ष अमनदीप सिंह ने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैना ने 26 जुलाई 1999 को कश्मीर के कारगिल जिले में पाकिस्तानी घुसपैठियों द्वारा कब्जा की गई ऊंची रक्षा चौंकियों पर नियंत्रण पाने में सफलता हासिल की थी। इसके लिए भारतीय सैना ने ऑपरेशन विजय चलाया था। भारत-पाकिस्तान के बीच कारगिल युद्ध मई 1999 में शुरू होकर दो महीने तक चला था, जिसमें भारत ने अपने 500 से ज्यादा जांबाज सैनिक खो दिए थे। ऑपरेशन विजय की सफलता के बाद इस दिन को विजय दिवस का नाम दिया गया। विश्व के इतिहास में कारगिल युद्ध दुनिया के सबसे ऊंचे क्षेत्रों में लड़ी गई जंग की घटनाओं में शामिल है।

इस अवसर पर मुख्य रूप से भाजपा प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन ने शिरकत की। उनके साथ पार्षद अरूण सूद, सतिन्द्र सिंह, महासचिव प्रेम कौशिक, चन्द्रशेखर, जिला अध्यक्ष शक्ति प्रकाश देवशाली, मोर्चा उपाध्यक्ष नरेश अरोड़ा, कृपानंद ठाकुर, हरजीत, महासचिव गौरव गोयल, महकवीर, विरेन्द्र, वैभव, नरेश उप्पल, अभिषेक धवन, नवजीवन, आशु शर्मा, वरिन्द्र कुमार, पीयूष गुप्ता, हरिश चौधरी, सचिन गौतम, सुशील अग्रवाल आदि युवा मोर्चा के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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