सात घंटों की कड़ी मेहनत व् आर्ट ने जनम दिया महात्मा गांधी जी के MUD ART पोर्ट्रेट को

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Panchkula:

पंचकुला : आज की भाग दौड़ की जिंदगी में हम देश की आज़ादी के मसीहा राष्ट्रपिता गांधी जी को भूलते जा रहे हैं /गांधी जी सिर्फ नोटों पर ही नज़र आते हैं या हर वर्ष दो अक्टूबर को उनकी प्रतिमाओं पर फूलमालाएं होती हैं |  गांधी जी द्वारा छोड़ी अमिट छाप वक्त के साथ धूमिल हो गयी हैं | बच्चों को गांधी जी सिर्फ किताबों में ही नज़र आते हैं वास्तविकता में नहीं | 

हॉलमार्क पब्लिक स्कूल में इस अवसर पर महात्मा गांधी जी का चालीस फुट लम्बा व् बीस फुट चौड़ा MUD ART पोर्ट्रेट बना गांधी जी के दिखाए मार्ग पर चलने की शपथ ली | प्रिंसिपल कविता वाधवा ने बच्चों को अहिंसा ',सत्याग्रह , सदा जीवन सामाजिक समानता के संदेशों को दोहराया | सभी बच्चों व् शिक्षकों  ने "वैष्णव जान तो, तेने कहिए जे पीड़ परायी जाणे रे" सुना कर सभी को मंत्रमुघ्द कर दिया | बच्चों ने गांधी जी के सादगी , अहिंसा, स्वदेशी, समानता ,परोपकार, के सिद्धांतों पर चलने की शपथ दोहराई |

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