जानिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग के नए रूल्स

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इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग के नए रूल्स

Chandigarh:

चंडीगढ़। इस साल फाइनेंस मिनिस्ट्री ने टैक्स रिटन्र फाइल करने के नियमों में कई बदलाव किए हैं। नए फार्म लाए गए हैं। टैक्सपेयर्स से अतिरिक्त सूचनाएं मांगी जा रही हैं और रिटर्न फाइलिंग के प्रोसेस को पूरी तरह पेपरलेस कर दिया गया है। टैक्सपेयर्स होने के नाते आपको इनके बारे में जानना चाहिए नहीं तो आप गलत रिटर्न फाइल कर सकते हैं जिसे रिजेक्ट किया जा सकता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार नए टैक्स फाइलिंग प्रोसेस और डॉक्यूमेंटेशन के बारे में जानकारी यह है। कई टैक्सपेयर्स मानते हैं कि अगर उन पर कोई टैक्स लायबिलिटी नहीं है या उन्होंने सारे टैक्स चुका दिए हैं तो उन्हें रिटर्न फाइल करने की ज़रूरत नहीं है। यह गलत सोच है। इससे फर्क नहीं पड़ता कि आपने टैक्स दिया है या नहीं। अगर आपका सारा टैक्स आपकी कंपनी और बैंक ने टीडीएस के जरिए चुका दिया है या आपने एडवांस टैक्स दिया है तो भी सालाना इनकम 2.5 लाख रुपए से अधिक होने पर आपको रिटर्न फाइल करना पड़ेगा। हालांकि उससे पहले हम यह बता रहे हैं कि इस साल के टैक्स फाइलिंग रूल्स में क्या बदलाव किए गए हैं।

डेडलाइन बढ़ गई है.....

इस साल टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन 31 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। हालांकि इसमें बिना वजह की देरी ठीक नहीं है। अगर आपके पास सारे डॉक्यूमेंट्स (फार्म 16, बैंक स्टेटमेंट, टीडीएस डिटेल्स, कैपिटल गेंस स्टेटमेंट) है, तो जल्द से जल्द रिटर्न फाइल कीजिए।

नए टैक्स प्रोसेस.....

फॉरन ट्रिप्स और बिना इस्तेमाल वाले बैंक खातों के बारे में जानकारी अनिवार्य किए जाने पर खूब हो हल्ला मचा। इस वजह से सरकार को नए आईटीआर फॉम्र्स को रिवाइस करने पर मजबूर होना पड़ा। रिवाइज्ड़ फॉम्र्स सिंपल हैं और इन्हें भरने मेें भी कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। आईटीआर फॉम्र्स में बदलाव के बाद भले ही आपको 14 पन्ने का रिटर्न फाइल नहीं करना पड़ेगा लेकिन कुछ प्रस्तावित बदलावों को फाइनेंस मिनिस्ट्री ने बनाए रखा है।

जो इंडिविजुअल्स और एचयूएफ एक से ज्यादा प्रॉपर्टी रखते हैं लेकिन उन्हें टैक्सेबल कैपिटल गेंस, बिज़नेस य प्रफेशन या फॉरन एसेट्स से इनकम नहीं हो रही है। उनके लिए नया तीन पन्ने का आईटीआर 2ए फॉर्म लाया गया है। एग्जेम्ट इनकम होने पर भी इंडिविजुअल्स आईटीआर-1 (सरल) फॉर्म भर सकते हैं। पहले 5,000 रुपए से ज्यादा एग्जेम्ट इनकम होने पर इंडिविजुअल्स को इस फॉर्म को भरने की इजाजत नहीं थी। हालांकि, जिन इंडिविजुअल्स की एग्रीकल्चरल इनकम 5,000 रुपए से अधिक है वे अभी भी इस फॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकते।

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