पंजाब, चंडीगढ़ एक्सपोर्टरों के लिए यूरोप का आसान गेटवे है पोर्ट ऑफ एंटवेप - बेल्जियम राजदूत

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H.E. Mr Jan Luykx, The Ambassador of Belgium to India addressing the event.

Chandigarh:

सीआईआई, चंडीगढ़  बेल्जियम के राजदूत जैन ल्यूक्स ने चंडीगढ़ और पंजाब रीजन की इंडस्ट्री को बेल्जियम में बडे पैमाने पर व्यापार के लिए आमंत्रित किया है। वह सीआईआई में आयोजित एक सेशन के दौरान पंजाब और चंडीगढ़ के उद्यिमयों को संबोधित कर रहे थे। इस सेशन का आोयजन कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री चंडीगढ़ काउंसिल द्वारा किया गया था। जैन ल्यूक्स ने कहा कि यूरोप का पोर्ट सबसे बड़ा पोर्ट है। इसके माध्यम से समय और कीमत की बचत होगी। यह पोर्ट पूरे यूरोप के रास्ते खोलता है। जैन ल्यूक्स ने कहा कि पोर्ट ऑफ एंटवेप फ्लैंडर्स बेल्जियम में है। यह पोर्ट यूरोपियन यूनियन का इकोनामिक सेंटर है। इसके माध्यम से नार्थ इंडिया के एक्सपोर्टर पांच सौ मिलियन लोगों की मार्केट तक पहुंच सकते हैं। एक दिन में यह चालीस देशों तक पहुंचाता है। इसमें 1400 पोर्ट तक डायरेक्ट कनेक्ट है। इससे वर्ड क्लास इंटरनेशनल कनेक्शन वाया बार्ज, रेलवे रोड और पाइप लाइन के साथ हैं। यहां वेयरहाउसिंग की बेहतरीन सुविधाएं हैं। यह पोर्ट लेटेस्ट टेक्नोलाजी के साथ है। इसमें स्टेट ऑफ आर्ट हैंडलिंग इक्युपमेंट हैं, आटोमेटेड वेयरहाउसेज हैं और कोल्ड स्टोरेज सिस्टम है। इसमें कोल्ड कंटेनर्स, कोल्ड ट्रक, कोल्ड वेयर हाउस भी है जिससे कोल्ड चेन कहीं नहीं टूटती है। 

उन्होंने कहा कि नार्थ इंडिया में एक्सपोर्ट की क्षमता है। फूड प्रोसेसिंग, आईटी और आईटीईएस, एडवांस इंजीनियंरग और आटोमोटिव सेक्टर में एकसाथ मिलकर काम किया जा सकता है। आईसीटी डिजिटव टेक्नोलाजी, क्लीन एनर्जी में काम तेजी के साथ हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमे यह विश्वास है कि आने वाले समय में यह रीजन एक्सपोर्ट में तेजी के साथ आगे बढ़ेगा। मेक इन इंडिया कंपेन के अंतर्गत एक्सपोर्ट की शुरुआत के साथ ही यहां के एमएसएमई आसानी के साथ आगे बढ़ सकते हैं। यह पोर्ट वर्चुअल फ्री जोन है, इसमें स्टोरेज की क्षमता है और प्रोडक्ट हैंडलिंग की क्षमता भी है। इसकी खूबी है कि यहां यूरोपियनपरचेजिंग पावर पांच सौ किलोमीटर के दायरे में है। उन्होंने कहा कि भारत एंटवेप का दसवां ट्रेडिंग पार्टनर है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रोडक्ट के लिए हम तेजी के साथ काम कर सकते हैं।  भारतीय पोर्ट के बारे में उन्होंने कहा कि भारत को इँफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए ज्यादा निवेश करने की आवश्यकता है। भारत में स्टोरेज की क्षमता को बढ़ाने की आवश्यकता है जिससे कि वेस्टेज कम हो। इसके लिए हमने मिनिस्ट्री ऑफ शिपिंग केसाथ पोर्ट मैनेजमेंट के लिए एक करार भी किया है। सीआईआई चंडीगढ़ काउंसिल के चेयरमैन अमरबीर सिंह ने कहा कि बेल्जियम के साथ भारतीयों के संबंध लाभदायक हैं। इससे स्थायित्व आता है, ट्रेड बढ़ता है और एग्रीकल्चर बढ़ता है। इस सेशन का उद्देश्य एंटवेप के माध्यम से बिजनेस को कैसे बढ़ाया जा सकता है इसपर आधारित रहा।

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