सेंट सोल्जर स्कूल में रेव्यूलूशनरी थ्रीडी ओगमेंटिड नोलेज लैब का उद्घाटन

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School Student Showing how this technique works.

Panchkula:

पंचकूला, सैक्टर 16 स्थित सेंट सोल्जर डिवाईन पब्लिक स्कूल ने गुडग़ांव स्थित कंपेनियंस कंपनी जो कि विभिन्न शैक्षिणिक उत्पाद और सेवायें प्रदान करवाती है, के साथ गठबंधन कर पहली बार भारत में अपनी तरह की अनोखी थ्रीडी ओगमेंटिड नोलेज लैब की शुरुआत की है । 

इसी पेशकश के साथ सेंट सोल्जर डिवाईन पब्लिक स्कूल, पंचकूला ने इस क्षेत्र में नई ऐज्योकेशनल एपरोच : ओगमेंटिड रियालिटी (एआर) को अंजाम दिया है । सरल शब्दों में एआर का मतलब है कैमरे के माध्यम से किसी वस्तु को थ्रीडी और लाईव देखना । कोई भी फोन कैमरे के साथ विभिन्न विषयों जैसे गणित, विज्ञान और भूगोल आदि को देखने के लिये उपयोग में लाया जा सकता है । उदाहरण के तौर पर ओगमेंटिड लैब मानव हृदय की कृति उपलब्ध करवायेगा जब विद्यार्थी इसे कैमरे की दृष्टि से देखेगा । यह थ्रीडी की कृतियाँ पेश करेगा और विद्यार्थी भी विभिन्न ऐंगलों में इसे घुमायेगा जिससे की उसे हृदय के विभिन्न कोनो की जानकारी उपलब्ध होगी । अब पारमपरिक किताबों से परे हट विद्यार्थी अपनी थियरोटिकल ज्ञान को उच्च आयाम प्रदान कर सकेंगें । यह तकनीक अब विषयों के अनछुये पहलूओं को भी उजागर करने में सक्षम होगी । क्या आपकों पता है कि ताजमहल उपर से कैसे दिखता है ?  इसका स्वाभाविक उत्तर नहीं होगा । मगर इस तकनीक के माध्यम से आप ताजमहल के दर्शन सभी कोने से कर सकते हैं वह भी एक पक्षी की नजर से ।  स्कूल ने इस अनोखी लैब में कई विषयों को पेश किया है । विद्यार्थी अब थ्रीडी अनुभव का भी अहसास प्राप्त कर सकेंगें जब वे दिलकश नजारों जैसे बांदरा वोरली सी लिंक, विश्व प्रसिद्व पिरामिड आफ गिज्जा, जानवारों को व्यवहारों आदि को करीबी से जानेंगें ।

स्कूल के ऐडमिनिस्ट्रेटर सुश्री नीरा एम सिंह ने बताया कि हमें देश में पहली ऐसी तकनीक को पेश कर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है । यह स्कूल के लिये गौरव की बात है कि इस कनसेप्ट को पेश करने के लिये हमारा स्कूल अग्रणीय रहा है और शिक्षा जगत में नये आयामों की शुरुआत करेगा । स्कूल की प्रिंसीपल रेनू दीवान ने बताया कि ओगमेंटिड रियलिटी के साथ गैमिफिकेशन का भी इस्तेमाल किया जायेगा जो कि इस शिक्षा प्रणाली को ओर अधिक रोचक बनायेगा । 

कंपेनियंस कंपनी के निदेशक श्री युवराज के शर्मा ने बताया कि यह लैब शिक्षा जगत के बहुत लाभकारी सिद्व होगी । विषयों की समझ ओर पैनी होगी मानो विषय ही जीवांत हो गया हो । पारमपरिक थियूरी प्रणाली की तुलना इस तकनीक के माध्यम से इन विषय को समझने के लिये कम समय लगेगा । 

इस लैब को गठित करने का उद्देश्य विद्यार्थियों की मौजूदा समझ के लैवल और भविष्य की जरुरतों के बीच एक पुल का काम करता है। कंपेनियंस कंपनी के निदेशक श्री गौतम अर्जुन ने बताया कि विद्यार्थियों को अब जटिल से जटिल विषय भी साधारण सिद्वांतों के माध्यम से सरल प्रतीत होंगें । अब यह पाठ सीधे जीवन से जुडेंगें । 

गैमिफिकेशन प्रणाली के माध्यम और थ्रीडी तकनीक द्वारा यह नोलेज लैब इन विद्यार्थियों के लिय शिक्षा तकनीकों के लिये एक मजबूत नींव प्रदान करेगी ।


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