अभिनेता दिलीप कुमार का आज सुबह निधन हो गया है। वे पिछले महीने से ही बीमार थे जिसके चलते उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यही पर 98 साल के ट्रेजडी किंग के नाम से मशहूर अभिनेता ने आखिरी सांस ली। यह जानकारी उनका इलाज करवा रहे डॉक्टर ने दी । उनकी पत्नी और अभिनेत्री सायरा बानो दिलीप कुमार का खास ख्याल रख रही थीं और फैंस से लगातार दुआ करने की अपील भी कर रही थीं। बताया जा रहा है कि मुंबई के सांताक्रूज कब्रिस्तान में दिलीप कुमार को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।


दिलीप कुमार की निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक पसर गया है। अंतिम संस्कार में अमिताभ बच्चन हिस्सा लेंगे, अभी अभिषेक बच्चन दिलीप कुमार के घर जा रहे हैं , वापस आकर पिता को अंतिम यात्रा में शामिल होने की जानकारी देंगे ।
पीएम नरेंद्र मोदी और हरियाणा के होम मिनीस्टर अनिल विज समेत कई नेताओं और सेलेब्स ने सोशल मीडिया पोस्ट साझा कर अभिनेता को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
Dilip Kumar Ji will be remembered as a cinematic legend. He was blessed with unparalleled brilliance, due to which audiences across generations were enthralled. His passing away is a loss to our cultural world. Condolences to his family, friends and innumerable admirers. RIP.
— Narendra Modi (@narendramodi) July 7, 2021
दिलीप कुमार के स्वर्गवास से अदाकारी का एक अध्याय खत्म हो गया है । अपनी बेहतरीन अदाकारी की वजह से वह लोगों के दिलोदिमाग पर हमेशा जिंदा रहेंगे । मेरी उनको विनम्र श्रद्धांजलि ।
— ANIL VIJ MINISTER HARYANA (@anilvijminister) July 7, 2021
पिछले साल, दिलीप कुमार ने अपने दो छोटे भाइयों असलम खान (88) और एहसान खान (90) को कोरोना वायरस के कारण खो दिया था। जिसके बाद उन्होंने अपना जन्मदिन और शादी की सालगिरह भी नहीं मनाई थी। हालांकि, सायरा बानो ने बताया था कि दोनों भाइयों के निधन की खबर दिलीप साहब को नहीं दी गई थी।
आप को बता दें कि दिलीप कुमार का जन्म 11 दिसंबर 1922 को पाकिस्तान में हुआ था और उनका पहला नाम यूसुफ खान था। बाद में उन्हें पर्दे पर दिलीप कुमार के नाम से शोहरत मिली। दिलीप कुमार की शुरुआती पढ़ाई नासिक में हुई। बाद में उन्होंने फिल्मों में अभिनय का फैसला किया और 1944 में फिल्म ज्वार भाटा से डेब्यू किया।
शुरुआती फिल्में नहीं चलने के बाद अभिनेत्री नूर जहां के साथ उनकी जोड़ी हिट हो गई। अगस्त 1960 में रिलीज हुई उनकी फिल्म मुगल-ए-आजम उस वक्त की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी।
दिलीप कुमार को आठ फिल्मफेयर अर्वाड मिल चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा अवॉर्ड जीतने के लिए उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। उन्हें साल 1991 में पद्म भूषण और 2015 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
1994 तें दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से नवाजा गया। वे साल 2000 से 2006 तक राज्य सभा के सदस्य भी रहे। 1998 में पाकिस्तान के सर्वश्रेष्ठ नागरिक सम्मान निशान-ए-इम्तियाज से भी उन्हें सम्मानित किया गया था।
