चंडीगढ़ की दो टीनेज लड़कियां 15 साल की जाह्नवी और 17 साल की लावाण्य स्लम एरिया में रहने वाली महिलाओं और लड़कियों को पीरियड्स के प्रति अवेयर करने के साथ-साथ उन्हें मुफ्त में सैनेटरी पैड्स मुहैया करवा रही हैं। स्टॉप द स्पॉट नाम के इस कैंपेन की खास बात यह है कि दोनों लड़कियां घर पर खुद सैनेटरी पैड्स बना रही हैं।
देहरादून में पढ़ रही दोनों लड़कियां समर वैकेशन में घर आई हैं। दोनों ने 2 माह में 5 हजार पैड्स बनाने का टारगेट रखा है। रोजाना घर में पैड्स बनाना और उन्हें बांटना इनका रोजाना काम है।
जाह्नवी और लावाण्य ने बताया कि पीरियड्स को लेकर सोसायटी में कई मिथ हैं और कोई भी इसे लेकर खुल कर बात नहीं करना चाहता। लड़की होने के नाते हमें मालूम है कि पीरियड्स के दौरान हैल्थ हाइजिन कितना जरूरी है। अगर आप अच्छा और साफ पैड प्रयोग नहीं करेंगी तो कई तरह की बीमारियां आपको घेर सकती हैं। हमने फैसला लिया कि एक अभियान चलाएंगे और स्लम एरिया में पैड बांटेंगे। पॉकेट मनी से कुछ पैड खरीदे। लेकिन लगा कि यह ज्यादा महंगे हैं। इसके बाद डॉक्टर से बात की तो उन्होंने गाइड किया कि आप होम मेड पैड भी बना सकते हो और उन्होंने हमें बनाना भी सिखाया। इन्हें कॉटन और सॉफ्ट बैंडेज से तैयार किए।

भाई भी कर रहे काम में मदद
इन दोनों के काम में जाह्नवी का 14 साल का भाई त्रिनभ, 9 साल का सुमेर व रणवीर भी मदद कर रहे हैं। इसमें वह वालंटियर्स को भी साथ जोडऩे का काम कर रहे हैं।
भारत में 300 मिलियन फीमेल्स पैड्स का प्रयोग नहीं करती। कइयों के पास खाने तक के पैसे नहीं होते तो ऐसे में सैनेटरी पैड खरीदने के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता। यही सोच कर हमने स्टॉप द स्पॉट कैंपेन की शुरुआत की।
