Home » Others » इंटरनेशनल बॉक्सर बना दुल्हा, घोडे की जगह ट्रैक्टर-ट्रॉली, बोले पहले मैं किसान

इंटरनेशनल बॉक्सर बना दुल्हा, घोडे की जगह ट्रैक्टर-ट्रॉली, बोले पहले मैं किसान

  • ओलिंपियन बॉक्सर का किसानों को समर्थन, शादी के लिए निकले ट्रैक्टर पर

ओलिंपियन बॉक्सर सुमित सांगवान ने किसानों को समर्थन देते हुए वीरवार को ट्रैक्टर से बारात लेकर दुल्हन के घर रवाना हुए। सुमित ने कहा है कि वो पहले एक किसान है और उनका फर्ज है कि वे अपने किसान भाइयों का साथ दें। इसलिए उन्होंने बारात ले जाने के लिए कार का इस्तेमाल ना कर बल्कि परिजनों और दुल्हन के परिवार वालों से बात कर ट्रैक्टर से बारात लेकर गए।

इस दौरान हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह भी उनके साथ नजर आए। खेल मंत्री संदीप सिंह ने भी सुमित सांगवान की मुहिम की सराहना की। सुमित ने कहा कि वे शादी में शगुन के तौर पर मिलने वाली राशि भी किसान आंदोलन में दिल्ली जाकर दान करेंगे। उन्होनें बताया कि खेल मंत्री संदीप सिंह भी मुझे और मेरी जीवनसंगिनी को आशीर्वाद देने पहुंचे थे और उन्होंने भी मेरी इस मुहिम को सराहा।

कौन हैं सुमित सांगवान

सुमित सांगवान जाने-माने बॉक्सर हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1993 को करनाल के शेखपुरा सोहाना गांव में हुआ था। उनके पिता सुरेंद्र सिंह एक किसान है। मां अनिता हाउस वाईफ हैं। 11 साल की उम्र में चाचा विनोद सांगवान व राजकुमार संगवान के इंसपायर करने पर बॉक्सिंग की शुरूआत की थी। वह दिल्ली अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान वर्ष 2009 में 16 वर्ष की उम्र वर्ष में मुकाबले के लिए उतरे थे। लंदन ओलंपिक-2012 में भाग ले चुके सांगवान 91 किलोग्राम भारवर्ग के मुकाबले खेलते रहे हैं। कुछ समय पहले डोप टेस्ट में भी उनका नाम सुर्खियों में रहा था।

बॉक्सिंग में एचिवमेंट

दो गोल्ड मेडल जीतकर नेशनल लेवल पर चमकने के बाद, सुमित तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने अस्ताना में एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर में स्वर्ण पदक जीता। वहीं अप्रैल 2012 में कजाकिस्तान में मेडल हासिल किया।
सुमित ने वर्ष 2010 के एशियाई खेलों में रजत पदक हासिल किया और 2014 में अमेरिकी संगठन यूएसए नॉकआउट्स के लिए विश्व सीरीज ऑफ बॉक्सिंग में भाग लिया था। वर्ष-2015 में नेशनल बेस्ट बॉक्सर बने। उन्होंने वर्ष 2017 में एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था।