कोरोना वैक्सीन को लेकर सुखद खबर सामने आ रही है। जिसके अनुसार एक भारतीय कंपनी देशवासियों को कोरोना से बचाव के लिए 225 रूपये में कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराएगी। दरअसल यह कंपनी एक भारतीय कंपनी है। जिसका नाम है सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ।

कोरोना वैक्सीन को लेकर पूरे विश्व भर के अलग-अलग देशों के काम चल रहा है। कई देशों द्वारा कोरोना वैक्सीन के 2-3 ट्रायल भी पास कर लिए गए है लेकिन अभी पूरी तरह से सफलता किसी भी देश को नहीं मिल पाई। जबकि बहुत से देशों में कोरोना के कारण लाखों की संख्या के हिसाब से लोग अपनी जान गवां चुके है।
भारत में हो रहा 8 वैक्सीन पर काम
वैक्सीन ट्रायल की बात करें तो खुद भारत देश में भी कुल 8 अलग-अलग वैक्सीन पर काम चल रहा है। जिसमें से 2 वैक्सीन अपना पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद दुसरे चरण पर ट्रायल कर रही है।
भारतीय कंपनी SII दूसरे देशों से दिलाएगी 225 रूपये में वैक्सीन
SII की ये कंपनी दूसरे देशों के बड़ी रिसर्च कंपनियों के साथ गठजोड़ कर रही है। भारतीय कंपनी SII ने दूसरे देशों की 2 बड़ी कंपनियों के साथ वैक्सीन उत्पादन को लेकर डील फिक्स की है। इनमें पहली अमेरिका की नोवावैक्स है तथा दूसरा समझौता गावी वैक्सीन अलायंस, बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन से हुआ है।
जिसके अनुसार वह SII कंपनी अमेरिका की नोवावैक्स कंपनी के साथ वैक्सीन बनाने को लेकर समझौता किया है। वहीं दूसरी गावी वैक्सीन अलायंस, बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के साथ 2021 तक करीब 10 करोड़ वैक्सीन बनाने और इन्हें देश में डिलीवर करने को लेकर समझौता किया गया है।
गावी वैक्सीन कंपनी सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर सभी देशों में ये वैक्सीन पहुंचाएगी। ये कंपनी भारत से एक वैक्सीन के 3 डाॅलर वसूल करेगी यानि भारतीय करंसी के अनुसार एक वैक्सीन की कीमत 225 रूपये होगी।
क्या ये SII कंपनी का वैक्सीन को लेकर किया समझौता
भारतीय कंपनी के समझौते के अनुसार सबसे पहले गेट्स फाउंडेशन द्वारा 150 मिलियन डॉलर यानि की 11 अरब रूपये दिए जाएंगे। इन पैसों को गोवा अलायंस कंपनी को दिया जाएगा ताकि गोवा अलायंस ये पैसा भारतीय कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को देगा फिर इन पैसों से नोवावैक्स और एस्ट्राजेनेका कंपनियों की संभावित वैक्सीन कैंडिडेट का उत्पादन बढ़ाने में मदद की जाएगी क्योंकि इन दोनों कंपनी कोरोना वैक्सीन को लेकर अब तक एक सफल ट्रायल चल रहा है।
वैक्सीन तैयार करने में काफी समय लगता है। कई सफल ट्रायल के बाद कोई वैक्सीन तैयार होती है। अगर नोवावैक्स और एस्ट्राजेनेका में से किसी की वैक्सीन कामयाब हुई और इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हरी झंडी दे दी तो इसे बाजार में उतारा जाएगा। समझौते के तहत सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कामयाब वैक्सीन की एक डोज़ को तीन डॉलर यानी लगभग 225 रुपये में मुहैया कराएगा।
यह वैक्सीन भारत के साथ ही 92 और देशों में भी उपलब्ध कराई जाएगी।
