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पंचकूला में अब जनता चुनेगी अपना मेयर

हरियाणा सरकार ने बड़ा फैंसला लेते हुए पिंजौर और कालका को नगर निगम पंचकूला से बहार कर दिया है। अब पिंजौर और कालका समेत आसपास की 27 पंचायतों को मिलाकर नगर परिषद बनाई जाएगी। 2017 से की जा रही मांग के बाद सरकार के इस फैसले से कालका और पिंजौर के लोगों को बड़ी राहत मिली है। बरवाला समेत रामगढ़ एरिया के 15 पंचायतें अभी भी नगर निगम पंचकूला में रखी गई हैं।

अब जनता डायरेक्ट चुनेगी अपना मेयर

इस बार नगर निगम का मेयर जनता द्वारा चुना जाएगा। पहले चुने हुए पार्षदों में से ही मेयर चुना जाता था। लेकिन अब पंचकूला के लोग वोट डालकर अपने शहर के मेयर का चुनाओ करेंगे। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल के अंत तक या फिर अगले साल जनवरी तक पंचकूला में मेयर के लिए चुनाव हो सकते है। जबकि कालका-पिंजौर नगर परिषद के अध्यक्ष पद का चुनाव सरकार के फैसले पर निर्भर है। परिषद का गठन होने के बाद ही इसको लेकर फैसला लिया जाएगा।

जैसे ही सोमवार को हुई कैबिनेट में सरकार का यह फैंसला सामने आया वैसे ही शहर में राजनितिक गतिविधिया भी बढ़ती नज़र आयी। इसी कड़ी में पंचकूला कांग्रेस कमेटी के पूर्व उप-प्रधान तरसेम गर्ग ने बताया कि हम सरकार से लम्बे समय से केवल पंचकूला को नगर निगम बनाने की मांग कर रहे थे । अब सरकार का फैसला आया है। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी चाहेगी तो वह मेयर के चुनाव लड़ने के लिए भी तैयार है।

अब पिंजौर में शामिल होंगे ये गांव

पिंजौर के 22 गांवों में भगवानपुर, बिटना, धामला, इस्लाम नगर, लोहगढ़, सूरजपुर, मानकपुर देवीलाल, मानकपुर नानकचंद, मानकपुर ठाकरदास, राज्जीपुर, मोहबतपुर, मिल्क, गुमथला, भोगपुर, दमदमा, बिसावल, खेड़ा, माजरी जट्टा, रामपुर सियूड़ी, वासुदेवपुरी, मीरपुर, बक्शीवाला और रायपुर शामिल हैं।

कालका में शामिल होने वाले गांव

कालका के 21 गांवों भैरो की सैर, कांगुवाला, खेड़ा सीताराम, टी डांगरा, हंसुआ, टांगरा, हाकिमपुर, टांगरा हरिसिंह, टांगरा कलीराम, टांगरा कंगन, टांगरा साहू, टिपरा और माजरा महताब शामिल हैं। पंचकूला की लाइसेंस, सीएलयू शुल्क दरें मोहाली के बराबर होंगी।