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 पीयू कैंपस में स्टूडेंट्स के लिए जोशी लाइब्रेरी खुली, लापरवाह कौन ?

चंडीगढ़ में लगातार बढ़ते करोना केसेज से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं और कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। तेजी से फैल रही कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए प्रशासन द्वारा वीकेंड लॉक डाउन और नाइट कर्फ्यू लगाया गया है और साथ ही अब 11 मई तक पाबंदियां लगाई गई है।
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लेकिन इस बीच पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन की बड़ी लापरवाही देखने को मिल रही है। पीयू कैंपस स्थित एसी जोशी लाइब्रेरी स्टूडेंट्स के लिए खुली हुई है। लाइब्रेरी में प्रतिदिन 150 से 200 स्टूडेंट्स घंटों पढ़ाई कर रहे हैं। लेकिन पीयू प्रशासन की लापरवाही से अब स्टूडेंट्स में भी कोरोना संक्रमण फैलने का डर है।

लापरवाही  है संक्रमण मुख्य कारण

शहर में 10 से अधिक लोगों के एक जगह इक्कटा होने या किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेने पर पूरी तरह बैन है। प्रशासन की ओर से कोविड-19 एसओपी पालन के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन स्टूडेंट्स इसका पूरा पालन नहीं कर रहे हैं और लाइब्रेरी स्टॉफ भी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। तो इसे यूटी प्रशासन की गाइडलाइन की अनदेखी ही कहा जाएगा।

लाइब्रेरी का आधे से ज्यादा स्टाफ कोरोना पॉजिटिव

इस समय पीयू लाइब्रेरी का आधे से ज्यादा स्टाफ कोरोना पॉजिटिव है। जानकारी अनुसार लाइब्रेरी में कार्यरत चार महिला और दो पुरुष कर्मचारी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। पीयू कैंपस में बीते एक महीने में पचास से करीब कर्मचारी, प्रोफेसर और उनके परिवार वाले कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। लाइब्रेरी को खोलना यानी स्टूडेंट्स की जान को जोखिम में डालना है।

पीयू में सिर्फ 50 फीसद स्टाफ ही आएगा, नई गाइडलाइन जारी

मंगलवार को यूटी प्रशासन की सख्ती के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कोविड-19 को लेकर पीयू कैंपस के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नए दिशा निर्देश जारी किए हैं। रजिस्ट्रार की ओर से जारी पत्र में 31 मई तक पीयू के सभी विभागों में 50 फीसद स्टॉफ ही रोटेशन के हिसाब से आएगा। लेकिन माली, क्लीनर, मेनटेनेंस स्टॉफ ,सिक्योरिटी स्टॉफ और हेल्थ सेंटर के कर्मचारी पहले की तरह जरुरी सर्विसेस के लिए रिपोर्ट करेंगे। पीयू के सभी ऑफिस और पीयू टीचिंग स्टॉफ को भी रोटेशन सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।