- कच्चे माल की कमी से दोगुणा हुए फर्नीचर के दाम
फर्नीचर इंडस्ट्री में अब हर सामान महंगा होने वाले कारण दिखाई दे रहे है। जानकार की मानें तो ऐसा होने के पीछे कच्चे माल में कमी को बता रहें है, जिसकी वजह से या तो सामान नहीं मिल रहा हैं, मिल भी रहा है तो मंहगें दामों पर लोगों को खरीदना पड़ रहा हैं।

जनवरी में कच्चे माल का रेट कम हुआ तो इंडस्ट्री भी तेजी से चलनी शुरू हो गई। लेकिन फरवरी के आखिर तक आते-आते एकदम से कच्चे माल में फिर तेजी आई है।
अब चंडीगढ़ की इंडस्ट्री खासतौर से फर्नीचर इंडस्ट्री की तरफ से सप्लाई ही रोक ली गई है। कारण ये है कि पिछले एक हफ्ते में ही फोम से लेकर एलडीपीई (प्लास्टिक दाना) के रेट में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जो डीलर कच्चे माल की सप्लाई करते थे, उन्होंने भी सामान देना बंद कर दिया है।
जानकारों की मानें तो एलडीपीई (प्लास्टिक का दाना) जो लगभग हर प्रोडक्ट में यूज किया जाता है और उसका रेट एक हफ्ते में 50 रुपए तक बढ़ कर 98 रुपए से लेकर वहीं अब 140-150 रुपए तक पहुंच गया है। आम आदमी के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

500 फर्नीचर इंडस्ट्री के पास कच्चा माल नहीं..
चंडीगढ़ की फर्नीचर इंडस्ट्री में 500 से ज्यादा लोग जुड़े हैं। फोम जो लगभग हर तरह की फर्नीचर के सामान में इस्तेमाल होता है, उसका रेट एक हफ्ते पहले 200 रुपए तक था। अब इसका रेट बढक़र कैटेगरी वाइज 250 से 350 तक पहुंच गया है। इनमें से जिनके पास कच्चा माल हैं, वे तो प्रोडक्शन और सप्लाई कर रहे हैं। जिनके पास कच्चा माल नहीं है, उन्होंने अपने ग्राहकों को ये मैसेज कर दिया है कि फिलहाल वे सप्लाई नहीं कर पाएंगे।
4 हजार वाला गद्दा हुआ 8 हजार का..
इंडस्ट्रीलिस्ट सुनील बंसल ने कहा कि पिछले साल अगस्त महीने के बाद डिमांड तो बढ़ी थी, लेकिन फोम और स्टील के रेट बढऩे से कीमतें बढ़ गई।
जनवरी में कुछ रेट कम हुए, लेकिन अब फिर गद्दे, सोफा व बाकी ऑफिस चेयर में जो फोम इस्तेमाल होती है, उसका रेट 350 रुपए तक पहुंच गया है। इतने ज्यादा रेट में वे अगर सामान बनाते भी हैं तो आगे बढ़ा हुआ रेट नहीं मिल पाएगा। गद्दे का रेट रिटेल में 4000 रुपए का था, वह 7500 से 8000 रुपए के रेट तक पहुंच गया है। फोम के अलावा बाकी छोटी-छोटी चीजें जैसे कपड़ा, धागा, अलग अलग तरह के सॉल्यूशन के रेट में 25 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है।
स्कूलों, इंस्टीट्यूट्स में डिमांड बढ़ी..
स्कूल और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स खुलने के बाद अब यहां डिमांड पहले से दोबारा आनी शुरू हो गई। करीब 475 से ज्यादा नट बोल्ट और स्क्रु बनाने वाली इंडस्ट्री हैं, जो करीब एक हजार तरह के नट बोल्ट व स्क्रु तैयार कर पूरे देश में सप्लाई करते हैं। इस इंडस्ट्री के पास अब डिमांड नॉर्मल है। लेकिन स्टील के रेट एक हफ्ते के दौरान 2 से 2.50 रुपए तक बढ़ गए हैं।
