हरियाणा में 8 दिसंबर 2021 से आंगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स की हड़ताल जारी है। हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों की मांगों का समाधान करने की बजाय वर्कर्स पर ही झूठे मुकदमें दर्ज कर रही है । मांगो को हल करवाने के लिए वर्कर्स ने विधान सभा कूच करना था।

मोके पर तैनात किया गया पुलिस बल
लेकिन पुलिस ने उन्हें पंचकूला आने से पहले ही रोक दिया,जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और खींचा तानी भी हुई। पुलिसकर्मियों द्वारा जबरन प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने का प्रयास किया गया और कई प्रदर्शनकारी को हिरासत में लिया गया मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।
रास्ते पर उतारू है सरकार
कमेटी की नेता शुकंतला देवी, कृष्णा देवी, आंगनवाड़ी फेडरेशन (आईफा) की अध्यक्ष उषा रानी, सीटू राष्ट्रीय सचिव एआर सिंधु का कहना है कि आंगनवाड़ी कर्मी सरकार द्वारा मार्च 2018 में स्वीकृत मांगों समेत 10 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री द्वारा आंगनवाड़ी वर्कर को 1500 एवं हेल्पर्स को 750 रुपए प्रति माह देने की घोषणा को लागू करवाने के लिए आंदोलनरत हैं। संगठन नेताओं ने कहा कि सरकार मांगों को लागू करने की बजाए दमन के रास्ते पर उतारू है। वर्कर्स की सेवाएं बर्खास्त की जा रही हैं। उनके ऊपर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। आज विधानसभा सत्र के दौरान होने वाली रैली न हो, इसके लिए अलग हथकंड़े अपनाए जा रहे हैं।
