- स्कूल अब फीस न मिलने पर ऑनलाइन क्लास से नहीं हटा सकता : हाईकोर्ट
राइट ऑफ चिल्ड्रन टू फ्री एंड कंपलसरी एजुकेशन एक्ट 2009 के मुताबिक प्राइमरी एजुकेशन लेना हर बच्चे का मौलिक अधिकार है। ऐसे में फीस का भुगतान न करने पर स्कूल ऐसे छात्रों का नाम नहीं काट सकता या फिर ऑनलाइन क्लास से हटाया नहीं जा सकता।


हाईकोर्ट में जस्टिस सुधीर मित्तल ने एक मामले में याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि मोहाली के डीसी जो पंजाब के शिक्षा विभाग के रेगुलेटरी बॉडी के चेयरपर्सन भी हैं, को चार हफ्ते में याची की रिप्रेजेंटेंशन पर फैसला लेने का निर्देश दिया है।
चंडीगढ़ रेजिडेंट रंजीत सिंह ने पटिशन में कहा कि उनका बेटा मोहाली के विवेक हाई स्कूल का स्टूडेंट्स है। कोविड-19 के कारण उन्होंने स्कूल से फीस में छूट दिए जाने की मांग की। लेकिन स्कूल ने उनकी यह मांग खारिज कर दी और बच्चे को ऑनलाइन क्लास से भी बाहर कर दिया।
इस पर 28 सितंबर 2020 को पंजाब शिक्षा विभाग के रेगुलेटरी बॉडी के चेयरपर्सन को इस संबंध में रिप्रेजेंटेंशन दी। पटिशन में कहा गया कि उनकी इस रिप्रेजेंटेंशन पर भी कोई फैसला नहीं लिया गया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार के वकील ने कहा कि रेगुलेटरी बॉडी को कोई रिप्रेजेंटेंशन नहीं मिली।
जस्टिस सुधीर मित्तल ने पंजाब के शिक्षा विभाग के रेगुलेटरी बॉडी के चेयरपर्सन मोहाली के डीसी को चार हफ्ते में पटिशन को रिप्रेजेंटेंशन मानते हुए इस पर फैसला लेने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि राइट ऑफ चिल्ड्रन टू फ्री एंड कंपलसरी एजुकेशन एक्ट 2009 व पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडिड एजुकेशन इंस्टीट्यूशन एक्ट 2016 के मुताबिक रिप्रेजेंटेंशन पर फैसला लिया जाए।
Note: Picture is just for representative purpose
